
Aadhaar Update को लेकर UIDAI ने फिर सख्त रुख अपना लिया है। अगर आपने पिछले 10 वर्षों से अपने आधार कार्ड में कोई अपडेट नहीं कराया है, तो अब सतर्क हो जाइए। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) आपके आधार कार्ड को निष्क्रिय मान सकती है और इसे रद्द भी कर सकती है। और जब एक बार Aadhaar कार्ड निरस्त हो गया, तो उसे दोबारा एक्टिव कराना इतना आसान नहीं होता — इसके लिए आपको सीधे UIDAI के दिल्ली मुख्यालय तक जाना पड़ सकता है।
इस लेख में हम विस्तार से बताएंगे कि किन परिस्थितियों में Aadhaar निष्क्रिय हो सकता है, कैसे आप इसे दोबारा एक्टिव कर सकते हैं, और किन जरूरी दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी। साथ ही जानिए बायोमीट्रिक और डेमोग्राफिक अपडेट से जुड़ी सभी अहम जानकारियाँ।
UIDAI क्यों करता है Aadhaar कार्ड का वेरिफिकेशन?
UIDAI हर 8 से 10 वर्षों में Aadhaar कार्डधारकों का वेरिफिकेशन करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि व्यक्ति जीवित है और उसका आधार कार्ड अभी भी उपयोग में है। जो आधार कार्ड इस अवधि में अपडेट नहीं होते, उन्हें संदिग्ध मानकर निष्क्रिय किया जा सकता है। यह प्रक्रिया यूआईडीएआई पहले से ही लागू कर चुका है।
वेरिफिकेशन के पीछे मुख्य उद्देश्य है कि सिस्टम में फर्जी और निष्क्रिय Aadhaar कार्ड को हटाया जा सके। खासकर सरकारी योजनाओं में हो रहे दुरुपयोग को रोकने के लिए यह एक प्रभावी उपाय है।
निरस्त आधार कार्ड को कैसे करें दोबारा एक्टिव?
यदि आपका आधार कार्ड रद्द हो गया है, तो नजदीकी आधार केंद्र से काम नहीं चलेगा। UIDAI ने साफ किया है कि स्थानीय आधार केंद्र निरस्त कार्ड को फिर से एक्टिव करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इसके लिए आपको सीधे UIDAI के दिल्ली स्थित मुख्यालय जाना होगा। वहाँ संबंधित हेल्प डेस्क पर जाकर ही समाधान संभव है।
फोटो आईडी प्रूफ अपडेट है अनिवार्य
UIDAI की नीति के अनुसार, यदि आपने कई वर्षों से अपने Aadhaar में कोई बदलाव नहीं किया है, तो पहचान के तौर पर फोटो आईडी प्रूफ अपडेट करना जरूरी है। भले ही आपका नाम या पता न बदला हो, लेकिन जीवित होने का प्रमाण जरूरी है।
इसके लिए आप निम्नलिखित डॉक्यूमेंट्स में से कोई एक अपलोड कर सकते हैं:
- पैन कार्ड
- वोटर आईडी
- पासपोर्ट
- ड्राइविंग लाइसेंस
ऑपरेशन मैनेजर दिग्विजय चौधरी के अनुसार, अधिकांश लोग केवल यह अपडेट कराकर अपना आधार फिर से सक्रिय रख सकते हैं।
बायोमीट्रिक और आइरिश अपडेट क्यों जरूरी हैं?
समय के साथ उम्र बढ़ने पर, खासकर वरिष्ठ नागरिकों के फिंगरप्रिंट्स में बदलाव आ जाते हैं। यही वजह है कि कई बार आधार से जुड़ी सेवाओं जैसे राशन कार्ड, बैंकिंग वेरिफिकेशन, या ऑफिस उपस्थिति में बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन फेल हो जाता है।
इसलिए हर 10 वर्षों में बायोमीट्रिक अपडेट (फिंगरप्रिंट, आइरिश और फेस) कराना आवश्यक है। यह न केवल पहचान बनाए रखने के लिए जरूरी है, बल्कि आपकी सरकारी सेवाओं तक पहुंच को भी आसान बनाता है।
Aadhaar अपडेट के शुल्क क्या हैं?
UIDAI की ओर से प्रदान की जाने वाली सेवाओं का शुल्क तय है:
- Aadhaar एनरोलमेंट: निशुल्क
- बायोमीट्रिक अपडेट: ₹50
- डॉक्यूमेंट अपडेट: ₹50
- आधार डाउनलोड व प्रिंट: ₹30
ये शुल्क बहुत ही सामान्य हैं, और इन्हें चुकाकर आप अपने आधार को सक्रिय बनाए रख सकते हैं।