अगर किसी व्यक्ति के आधार कार्ड से उसका पैनकार्ड गलत तरीके से लिंक हो चुका है तो इस गलती को सुधारना एकदम जरूरी हो जाता है। ऐसा न करने पर बाद में गलत लिंकिंग के कारण इनकम टैक्स रिफंड, बैंक की ट्रांजैक्शन और इनकम टैक्स भरने आदि कामों में दिक्कत आ जाती है।

पैनकार्ड-आधार कार्ड को कब डिलिंक करें
- यदि एक ही पैनकार्ड एक से ज्यादा लोगो को जारी हो तो एक से ज्यादा पैनकार्ड वाले धारक को पैनकार्ड आधार से डीलिंग करना होगा।
- ऐसे ही किसी करदाता के पास एक से ज्यादा पैनकार्ड आ जाए तो फाइन से बचाव के लिए डीलिंग करें।
- काफी समय लिंकिंग के प्रोसेस में गलती हो जाती है जिससे किसी अन्य करदाता का पैनकार्ड दूसरे के आधार कार्ड से लिंक हो जाता है। इस त्रुटि को डिलिंक करके ही ठीक करना है।
- काफी लोग फ्रॉड तरीके से पैनकार्ड बनवाकर उसको आधार से लिंक कर लेते है उनको आगे की कार्यवाही से बचाव के लिए डीलिंग करना है।
- यदि इनकम टैक्स के ई – फाइलिंग पोर्टल पर आधार-पैनकार्ड की लिंकिंग में टेक्निकल दिक्कत आ रही हो तो पैनकार्ड को आधार से डीलिंग करके कोई हल करें।
आधार-पैनकार्ड को डीलिंग करना
- सबसे पहले आपने अपने क्षेत्र के “एसेसिंग ऑफिसर” को इसकी आधिकारिक शिकायत जमा करनी है। चाहे तो इनकम टैक्स विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर ई -निवारण में यह परेशानी ऑनलाइन जमा कर सकते है।
- इनकम टैक्स विभाग की तरफ से पैनकार्ड-आधार की डीलिंग करवाने को खास प्रावधान दिए है। जो भी व्यक्ति अपनी कंप्लेंट डालेगा तो विभाग की तरफ से इसकी चेकिंग होगी।
- अगर चेकिंग के दौरान ये पाया गया कि गलत डाटा की वजह से पैनकार्ड और आधार लिंक हुए है तो विभाग इनकी डिलिंकिंग कर देगा।
- आधार-पैनकार्ड के डीलिंकिंग कर लेने पर पैनकार्ड में जरूरी सुधार जैसे नाम, जन्मतिथि और आधार डिटेल्स का मिलान) आदि कर लें।
- इन दोनो ही दस्तावेजों की डिटेल्स ठीक और एक जैसी होने पर ही उनको ऑफिशियली फिर से लिंक करें।
Related Links
मृतक व्यक्ति के आधार कार्ड का क्या करना चाहिए? क्या इसे सरेंडर करना है अनिवार्य?
आधार कार्ड खो जाने पर क्या पुराना नंबर ‘डीएक्टिवेट’ कर नया लेना संभव है? जानिए इससे संबंधित नियम
आधार-पैनकार्ड डिलिंकिंग में जरूरी डॉक्यूमेंट
- आधार कार्ड की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी।
- पैनकार्ड की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी जिस पर लिखा है “यह मेरा पैन नंबर नहीं है”।
- फॉर्म 16/16A, अगर मिल जाए।
आप अपनी इस आधार और पैनकार्ड की गलती को नजरअंदाज न करें वरना आपके पैनकार्ड को इनोपेरेटिव (निष्क्रिय) करार कर सकते है। सही वक्त पर कार्यवाही करना ही उचित समाधान है।


