
इनकम टैक्स विभाग ने साल 2026 के लिए पैन कार्ड से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव के ड्राफ्ट जारी किए हैं। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले ये नए नियम इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत तैयार किए गए हैं। मुख्य उद्देश्य छोटे-मोटे लेनदेन में आम नागरिकों को राहत देना है, जबकि बड़े सौदों पर सख्त निगरानी रखना। अभी ये ड्राफ्ट स्टेज में हैं और मार्च के पहले हफ्ते तक जनता से सुझाव मांगे जा रहे हैं।
आधार लिंकिंग की अंतिम चेतावनी
पैन कार्ड धारकों के लिए सबसे बड़ी चेतावनी आधार से लिंकिंग को लेकर है। 31 दिसंबर 2025 तक PAN को आधार से लिंक न करने पर 1 जनवरी 2026 से यह निष्क्रिय हो जाएगा। इससे ITR फाइलिंग, टैक्स रिफंड, TDS क्रेडिट, शेयर ट्रेडिंग, SIP निवेश या KYC अपडेट जैसी सारी वित्तीय गतिविधियां रुक जाएंगी। विभाग ने कई बार डेडलाइन बढ़ाई, लेकिन अब यह अंतिम है। जुर्माना ₹10,000 तक लग सकता है।
बैंक कैश ट्रांजेक्शन में बड़ा बदलाव
पहले एक दिन में ₹50,000 से ज्यादा कैश जमा या निकासी पर PAN जरूरी था। नए नियमों के तहत अब फाइनेंशियल ईयर में सभी बैंक अकाउंट्स मिलाकर कुल ₹10 लाख से ज्यादा कैश ट्रांजेक्शन पर ही PAN देना पड़ेगा। इससे छोटे जमा-निकासी वाले लोगों को रोज PAN दिखाने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। महंगाई को ध्यान में रखते हुए यह सीमा बढ़ाई गई है।
वाहन खरीदारी आसान
मोटर व्हीकल खरीद पर पहले हर कीमत की गाड़ी के लिए PAN अनिवार्य था। अब ₹5 लाख से महंगी कार, बाइक या अन्य वाहन पर ही PAN जरूरी होगा। बजट बाइक या एंट्री-लेवल कार खरीदने वालों को राहत। यह बदलाव मिडिल क्लास खरीदारों के लिए स्वागतयोग्य है।
होटल-इवेंट बिल पर सीमा दोगुनी
होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल या इवेंट के ₹50,000 से ऊपर बिल पर PAN देना पड़ता था। नई लिमिट ₹1 लाख हो गई है। शादी-ब्याह या पार्टियों में अब ₹1 लाख तक बिना PAN के भुगतान संभव। इससे परिवारिक आयोजनों में आसानी होगी।
प्रॉपर्टी और इंश्योरेंस नियम
प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री, गिफ्ट या जॉइंट डेवलपमेंट में पहले ₹10 लाख से ऊपर PAN जरूरी था। अब यह सीमा ₹20 लाख कर दी गई। छोटे प्लॉट या फ्लैट डील में PAN की जरूरत नहीं। इंश्योरेंस में नया पॉलिसी शुरू करने या अकाउंट-बेस्ड रिलेशनशिप के लिए PAN अनिवार्य होगा। पहले सालाना प्रीमियम ₹50,000 से ऊपर पर था।
नियमों की तुलना तालिका
| पुराना नियम | नया नियम (1 अप्रैल 2026 से) |
|---|---|
| कैश: ₹50,000/दिन | ₹10 लाख/वर्ष |
| वाहन: सभी | ₹5 लाख से ऊपर |
| बिल: ₹50,000 | ₹1 लाख |
| प्रॉपर्टी: ₹10 लाख | ₹20 लाख |
क्या करें पैन धारक?
ये बदलाव 1962 के पुराने नियमों को बदलेंगे, जिसमें 500+ नियम और 400 फॉर्म थे। नए सिस्टम में प्रक्रियाएं सरल होंगी। हालांकि, PAN-आधार लिंकिंग तुरंत कर लें। e-filing पोर्टल पर मुफ्त प्रक्रिया है: PAN, आधार डालें, OTP वेरीफाई करें। विशेषज्ञों का कहना है कि ये सुधार टैक्स चोरी रोकेंगे और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। आम आदमी इन नियमों से फायदा उठाए। ज्यादा जानकारी के लिए incometax.gov.in चेक करें।


