
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा हाल ही में लिए गए फैसले के बाद आम लोगों को दो अहम सेवाओं से वंचित होना पड़ेगा, जिनका सीधा संबंध आधार कार्ड से है। ये फैसले सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में उठाए गए हैं, लेकिन इससे आम नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है। अब न तो Address Validation Letter सेवा उपलब्ध होगी और न ही पुराने आधार कार्ड का रीप्रिंट।
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पते के सत्यापन की सुविधा पर लगी रोक
पहली और सबसे बड़ी सेवा, जो अब बंद कर दी गई है, वह है Address Validation Letter। यह सेवा उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी थी, जिनके पास अपने वर्तमान पते का कोई वैध दस्तावेज़ नहीं था। वे किसी परिचित या रिश्तेदार के पते पर भी आधार अपडेट करवा सकते थे। लेकिन अब UIDAI ने इसे पूरी तरह से हटा दिया है, जिससे अब सिर्फ उन्हीं दस्तावेजों के माध्यम से पता अपडेट हो सकेगा जो UIDAI द्वारा मान्यता प्राप्त हैं, जैसे—पासपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट, बिजली या गैस का बिल आदि। यह कदम जरूर डेटा की शुद्धता बढ़ाने के लिए उठाया गया है, लेकिन इससे उन लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं जिनके पास वैध पते का प्रमाण नहीं है।
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आधार रीप्रिंट सेवा बंद और PVC कार्ड की शुरुआत
दूसरा बड़ा बदलाव यह है कि UIDAI ने आधार कार्ड की रीप्रिंट सेवा को भी बंद कर दिया है। पहले लोग अपने आधार कार्ड का क्लासिक पेपर प्रिंट दोबारा मंगा सकते थे, लेकिन अब यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसकी जगह UIDAI ने अब नया PVC Aadhaar Card पेश किया है जो आकार में छोटा, मजबूत और स्मार्ट कार्ड जैसा दिखता है। हालांकि इसकी गुणवत्ता कहीं बेहतर है, लेकिन इसके लिए नागरिकों को अब एक नया आवेदन करना होगा और साथ ही कुछ अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा।
UIDAI का उद्देश्य और आम जनता की चिंता
इन दोनों सेवाओं को बंद करने के पीछे UIDAI का मकसद आधार डेटा को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। संस्थान यह सुनिश्चित करना चाहता है कि हर अपडेट और रीप्रिंट पूरी तरह सत्यापित दस्तावेज़ों के आधार पर हो, जिससे फर्जीवाड़े की संभावनाएं खत्म की जा सकें। हालांकि ये बदलाव तकनीकी दृष्टि से सही हैं, लेकिन आम जनता के लिए ये जटिलताएं पैदा कर सकते हैं, विशेषकर उन लोगों के लिए जिनके पास दस्तावेज़ों की कमी है या डिजिटल प्रक्रिया से अनभिज्ञ हैं।
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