
वर्तमान समय में पैन कार्ड (Permanent Account Number) एक अनिवार्य वित्तीय दस्तावेज बन चुका है। यह भारत के आयकर विभाग (Income Tax Department) द्वारा जारी किया जाता है और प्रत्येक नागरिक के लिए कर संबंधी कार्यों, बैंकिंग सेवाओं और अन्य वित्तीय गतिविधियों के लिए आवश्यक होता है। पैन कार्ड की सहायता से कर रिटर्न दाखिल करना, बैंक खाता खोलना, लोन आवेदन करना और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय लेन-देन संभव होता है। लेकिन, अगर किसी व्यक्ति के पास एक से अधिक पैन कार्ड हैं, तो यह भारतीय कानून के तहत अपराध माना जाता है।
यह भी देखें: बंद PAN Card से भी हो रहे ये 9 बड़े काम! कहीं आप मौका तो नहीं गंवा रहे?
एक से अधिक पैन कार्ड रखने पर जुर्माना
किसी भी व्यक्ति के पास एक से अधिक पैन कार्ड होना गैर-कानूनी है और इसे आयकर अधिनियम की धारा 139A (7) के तहत अपराध की श्रेणी में रखा गया है। अगर किसी व्यक्ति के पास दो या अधिक पैन कार्ड पाए जाते हैं, तो आयकर विभाग (Income Tax Department) उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है।
अगर किसी के पास एक से अधिक पैन कार्ड हैं, तो उसे ₹10,000 तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति पैन कार्ड में गलत जानकारी देता है, तो यह भी दंडनीय अपराध है और उस पर अतिरिक्त आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।
पैन कार्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
- कानूनी स्थिति: प्रत्येक नागरिक को केवल एक ही पैन कार्ड रखने की अनुमति है। अगर किसी के पास गलती से या जानबूझकर एक से अधिक पैन कार्ड बन गए हैं, तो उसे तुरंत एक को सरेंडर कर देना चाहिए।
- डुप्लिकेट पैन कार्ड: अगर किसी व्यक्ति के पास पैन कार्ड की दो प्रतियाँ हैं, तो यह अलग बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह दो अलग-अलग पैन नंबर रख सकता है।
- पैन-आधार लिंकिंग: भारत सरकार ने पैन कार्ड और आधार कार्ड को लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। यह कदम कर चोरी को रोकने और वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। अगर कोई व्यक्ति पैन और आधार को लिंक नहीं करता है, तो उसका पैन कार्ड निष्क्रिय किया जा सकता है।
यह भी देखें: नया इनकम टैक्स कानून लागू! PAN और Aadhaar पर पड़ेगा सीधा असर – तुरंत जानें ये जरूरी बदलाव वरना होगा नुकसान!
पैन कार्ड का महत्व (Importance of PAN Card)
- आयकर रिटर्न (Income Tax Return) दाखिल करने के लिए: पैन कार्ड के बिना किसी भी व्यक्ति के लिए कर रिटर्न दाखिल करना संभव नहीं है।
- बैंक खाता (Bank Account) खोलने के लिए: बैंक में खाता खोलने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य होता है, खासकर तब जब यह एक चालू खाता या बड़ी राशि का खाता हो।
- लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए: किसी भी वित्तीय संस्थान से लोन लेने या क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य होता है।
- बड़े वित्तीय लेन-देन के लिए: अगर कोई व्यक्ति किसी बड़ी संपत्ति की खरीद-बिक्री करता है, निवेश करता है या अन्य बड़े वित्तीय लेन-देन करता है, तो पैन कार्ड की आवश्यकता होती है।
क्या करें अगर आपके पास एक से अधिक पैन कार्ड हैं?
अगर किसी व्यक्ति के पास गलती से एक से अधिक पैन कार्ड बन गए हैं, तो उसे तुरंत अपने अतिरिक्त पैन कार्ड को सरेंडर करना चाहिए। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:
- आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाएं: आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने पैन कार्ड को सरेंडर कर सकते हैं।
- नजदीकी आयकर कार्यालय जाएं: यदि ऑनलाइन प्रक्रिया में कोई कठिनाई हो रही है, तो व्यक्ति अपने निकटतम आयकर कार्यालय में जाकर भी पैन कार्ड सरेंडर कर सकता है।
- अनुपालन पत्र भरें: व्यक्ति को एक अनुपालन पत्र (Compliance Form) भरकर अपने अतिरिक्त पैन कार्ड को सरेंडर करने का अनुरोध करना होगा।
यह भी देखें: अब बिना आपकी मंजूरी कोई नहीं कर सकेगा आधार का इस्तेमाल! UIDAI ने जारी किया बड़ा अपडेट