आज के समय में आधार कार्ड एक जरूरी सरकारी दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में किसी व्यक्ति के मरने पर उसके आधार का क्या होगा? काफी लोगो को पता नहीं है कि मरे व्यक्ति का आधार एक्टिव रहता है या ऑटोमेटिक डिएक्टिव हो जाता है।

आधार के गलत इस्तेमाल होने के भय से कुछ जरूरी काम कर लेने चाहिए। एक आधार कार्ड बैंक अकाउंट, सरकारी सब्सिडी, पेंशन, मोबाइल नंबर और अन्य सुविधा लेने में यूज होता है। ऐसे में आधार कार्ड से फ्रॉड, लेनदेन एवं आईडी चोरी करने आदि के खतरे बने रहते है। इस कारण आधार बंद करना एकदम अनिवार्य है।
मृतक का आधार बंद करवाने के नियम
- वैसे तो किसी व्यक्ति के मरने पर उसका आधार कार्ड बंद करवाना अनिवार्य नहीं किया है। किंतु सेफ्टी को ध्यान रखकर ऐसा कर लेना ही अच्छा विकल्प है।
- UIDAI के नियमनुसार, किसी के आधार कार्ड को पूर्णतया “डिलीट” या “कैंसिल” नही कर सकते है। हालांकि पारिवारिक सदस्य उसके आधार कार्ड को “डिएक्टिव” कर सकते है।
- सिर्फ व्यक्ति के पारिवारिक सदस्य ही आवेदन करने के योग्य होंगे।
- पूरी प्रक्रिया होने में 15 से 90 दिनों का टाइम लगेगा।
आधार बंद करवाने का प्रोसेस
किसी नागरिक के मरने के बाद उसके आधार को बंद करने के समय की लिमिट नही है। यह काम उसके परिजन कभी भी करवा सकेंगे।
आधार बंद करने में दस्तावेज
- नगर निगम या स्थानीय निकाय (CRS) से मिला “डेथ सर्टिफिकेट।
- मरे व्यक्ति के आधार की 12 डिजिट संख्या।
- डेथ सर्टिफिकेट में रजिस्ट्रेशन नंबर नोट कर लें।
- मरने की डेट ( डेथ सर्टिफिकेट के मुताबिक)।
- आवेदन करने वाले व्यक्ति को भी अपना आधार नंबर डालना होगा।
- मरने वाले व्यक्ति के साथ आवेदक का संबंध ( जैसे – पत्नी, पुत्र, पुत्री आदि)।
ऑनलाइन आधार बंद करने की प्रक्रिया
- सबसे पहले आपने UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट को ओपन करना है।

- उस आधार के 12 डिजिट के साथ या लिंक मोबाइल नंबर में OTP की मदद से लॉगिंग हो जाए।

- अब डैशबोर्ड पर आपने “Report Death of a Family Member” के ऑप्शन को चुनना है।

- मरे सदस्य की आधार संख्या, पूरा नाम एवं मृत्यु की तारीख (डेथ सर्टिफिकेट के अनुसार) फीड करें।

- अब उस व्यक्ति के “डेथ सर्टिफिकेट” की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- यह फाइल केवल PNG, JPEG या PDF फॉर्मेट में हो और इसका साइज 2 MB से कम हो।
- यह सब कर लेने के बाद आपने अपनी रिक्वेस्ट को “सबमिट” कर देना है।
- आवेदन के कुछ दिन बाद ही पोर्टल पर “Check Aadhaar Status” ऑप्शन से आधार संख्या डालकर स्टेटस चेक करना है।
आवेदन के बाद की कार्यवाही
आपकी आधार कार्ड बंद करने की रिक्वेस्ट हो जाने के बाद UIDAI के अधिकारी आवेदन की डिटेल्स और डेथ सर्टिफिकेट की जांच करेंगे। सब कुछ सही पाए जाने पर वेरिफिकेटेशन करके उक्त व्यक्ति का आधार नंबर “डीएक्टिवेट” किया जाएगा। फिर इस आधार को किसी भी सरकारी काम या वित्तीय कार्यों में यूज नहीं किया जा सकेगा।
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आधार बंद न करने के नुकसान
- आधार कार्ड बैंक अकाउंट, पेंशन, पैनकार्ड या दूसरी सर्विस से लिंक रहता है। ऐसे में मृतक की पहचान चोरी करके जालसाजी का खतरा रहता है।
- UIDAI अपने रिकॉर्ड से जाली आधार संख्या हटाता रहता है और आधार डीएक्टिवेट करने से विभाग का रिकॉर्ड भी सटीक हो जाता है।
- मरे व्यक्ति के बैंक अकाउंट और दूसरे लेनदेन की सेफ्टी को खतरा रहता है।






