
अगर आपने अभी तक अपना Aadhaar-PAN लिंक नहीं कराया है, तो यह सिर्फ एक छोटी सी तकनीकी चूक नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय आज़ादी पर एक बड़ा विराम बन सकता है। आयकर विभाग द्वारा निर्धारित समयसीमा के बाद अब यह अनिवार्य हो गया है कि सभी टैक्सपेयर्स अपने पैन कार्ड (PAN Card) को आधार कार्ड (Aadhaar Card) से लिंक करें। ऐसा न करने पर न केवल आपका पैन निष्क्रिय माना जाएगा, बल्कि आपके कई अहम फाइनेंशियल और सरकारी कार्य भी रुक सकते हैं।
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Aadhaar-PAN लिंक नहीं होने के गंभीर परिणाम
जैसे ही आपका पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाता है, उसका सीधा असर आपके बैंकिंग ट्रांजैक्शन्स, इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग, शेयर बाजार में निवेश, और यहां तक कि क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड जारी कराने जैसी मूलभूत गतिविधियों पर पड़ता है। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति तय तिथि तक Aadhaar-PAN लिंक नहीं करता है, तो उसे ₹1,000 का जुर्माना अदा करना होगा और उसके बाद ही वह लिंकिंग प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
आईटीआर फाइलिंग और टैक्स रिफंड में रुकावट
जो लोग हर साल समय पर ITR फाइल करते हैं, उनके लिए Aadhaar-PAN लिंकिंग और भी जरूरी हो जाती है। बिना लिंक किए हुए पैन कार्ड से इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकता और यदि पहले से फाइल कर दिया गया हो, तो उसका टैक्स रिफंड भी अटक सकता है। यही नहीं, यदि आपका पैन अमान्य हो गया है, तो भविष्य में किसी भी प्रकार के वित्तीय दस्तावेज या सबमिशन में वह मान्य नहीं होगा।
बैंकिंग और निवेश गतिविधियां हो जाएंगी बाधित
आज के डिजिटल युग में जहां बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से पैन और आधार पर आधारित हो गई हैं, वहां Aadhaar-PAN लिंक न होना आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। बैंक खाता खोलना, फिक्स्ड डिपॉज़िट करना, यहां तक कि ₹50,000 से अधिक के किसी भी ट्रांजैक्शन के लिए पैन जरूरी है। इसके अलावा, जो लोग शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, उनके लिए यह लिंकिंग और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिना पैन के निवेश असंभव हो जाता है।
प्रॉपर्टी खरीदना और बीमा लेना होगा मुश्किल
यदि आप किसी प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त या बीमा पॉलिसी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो Aadhaar-PAN लिंक न होना आपके लिए आर्थिक रूप से नुकसानदायक साबित हो सकता है। ₹10 लाख से अधिक की संपत्ति खरीदते समय पैन की आवश्यकता होती है, और लिंक न होने पर अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है। बीमा पॉलिसी के मामले में ₹50,000 से ऊपर की पॉलिसी खरीदने में भी दिक्कत आ सकती है।
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वाहन खरीद और बड़े खर्च पर ज्यादा TDS
अगर आप कोई नया वाहन खरीदना चाहते हैं, तो पैन निष्क्रिय होने की स्थिति में आपको ज्यादा TDS (Tax Deducted at Source) देना पड़ सकता है। आम तौर पर जहां 10% TDS कटता है, वहीं अमान्य पैन की स्थिति में यह दर 20% तक जा सकती है। इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा और आपके बजट को बिगाड़ सकता है।
क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर भी असर
आज के दौर में क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। लेकिन अगर पैन-आधार लिंक नहीं है, तो बैंक नए कार्ड जारी करने से इनकार कर सकते हैं। कई बैंकिंग प्रक्रियाओं में अब पैन अनिवार्य हो गया है, ऐसे में उसका निष्क्रिय हो जाना आपके लिए कई वित्तीय समस्याएं खड़ी कर सकता है।
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