किसी भी व्यक्ति के लिए उसका आधार कार्ड गम जाना एक चिंताजनक बात हो सकती है। ऐसे में ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है चूंकि वर्तमान समय में खोए आधार को फिर से प्राप्त करना काफी सरल और ऑनलाइन हो चुका है।

UIDAI ने लोगो की सुविधा के लिए खोए आधार कार्ड को ऑनलाइन myAdhaar एप से पुराने वाले आधार नंबर को फिर से रिट्रीव कर पाएंगे। अब हम आपको खोए आधार कार्ड के समाधान से जुड़ी जरूरी डिटेल्स देंगे।
आधार नंबर ‘डीएक्टिवेट’ कर नया लेना
किसी भी देशवासी का आधार कार्ड अद्वितीय पहचान है जोकि उसको UIDAI की तरफ से पूरे जीवनकाल में सिर्फ एक ही बार मिलता है। आधार कार्ड खोने की स्थिति में पुराने वाले आधार नंबर को डीएक्टिवेट करके नए आधार नंबर को लेने का UIDAI कोई प्रावधान नहीं करता है। इसकी वजह उस व्यक्ति आधार का बायोमेट्रिक (अंगुलियों-आंखो के निशान) और जनसांख्यिकी रिकॉर्ड से लिंक होना है।
आधार खोने पर समाधान
यदि किसी व्यक्ति का आधार गुम गया हो तो उनको नजदीकी आधार सर्विस सेंटर में जाकर अपनी आधार नामांकन की स्लिप या आधार नंबर को देना होगा। आपके आधार बायोमेट्रिक वेरिफाई हो जाने पर कर्मी आपको ई-आधार प्रिंटआउट प्रदान करेगा और आपसे 30 रुपए शुल्क लिया जाएगा।
ऑनलाइन आधार कार्ड रिकवर करना
- सबसे पहले आपने UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट को ओपन करना है।
- होम पेज में “MyAdhaar” विकल्प को चुनकर “Retrieve Lost or Forgotten UID/EID” सेलेक्ट करें।

- यहां पर अपने नाम, लिंक मोबाइल नंबर और दूसरे डिटेल्स डाले।

- मिले OTP को वेरिफाई करने पर SMS से UID/ EID नंबर प्राप्त होगा।
खोए आधार से जुड़ी खास बातें
- अगर किसी के द्वारा जानकर दूसरा आधार बनाने की कोशिश होती है तो UIDAI के सिस्टम में इसको “डुप्लीकेट” की तरह से चिन्हित करके एप्लीकेशन रद्द होगी।
- किसी के आधार को सिर्फ उन कंडीशन में “इनैक्टिव” करेंगे जब उसके डेटा में कोई खास विसंगति आए या सुरक्षा की दृष्टि से स्वयं UIDAI ऐसे करें।
- किसी के आधार कार्ड खोने या डिटेल्स गलती, में आधार सेंटर जाकर बायोमेट्रिक अपडेट करने में आधार अपडेट करना चाहिए।
Related Links:
अब आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलना हुआ मुश्किल! बदले गए नए नियम, इस गलती पर कार्ड हो जाएगा ब्लॉक
“आधार डिएक्टिवेशन” होने के नियम
UIDAI ने आधार की सेफ्टी और शुद्धता को ध्यान में रखकर “आधार डिएक्टिवेशन” के नियमों को तैयार किया है। यह काम आसान नहीं अपितु कुछ खास दशाओं में ही हो सकता है –
- किसी परिजन के मरने पर myAdhaar पोर्टल पर इसकी रिपोर्ट करें ताकि आधार का दुरुपयोग न हो।
- त्रुटिपूर्ण प्रमाण पत्र, गलत बायोमेट्रिक्स या डुप्लीकेट आधार डाटा आदि की दशा में अस्थाई तौर पर बंद कर सकते है।
- 5 से 15 साल उम्र के बच्चे का जरूरी बायोमेट्रिक अपडेट न करने पर आधार डीएक्टिवेट हो जाता है।




