अब आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलना हुआ मुश्किल! बदले गए नए नियम, इस गलती पर कार्ड हो जाएगा ब्लॉक

आधार कार्ड में मौजूद जन्मतिथि को बदलने के लिए UIDAI ने ने नियम और मानक तय किया है। इसके तहत अब सिर्फ एक बार ही जन्मतिथि को बदलने का मौका दिया जाएगा। यह नियम UIDAI ने आधार को लेकर जालसाजी को रोकने में उठाया है।

nishant2
By Nishant
Updated on

आधार धारकों की तरफ से आधार कार्ड में बार-बार जन्मतिथि बदलने की घटनाओं के कारण UIDAI ने इस पर सख्ती की है। UIDIA की नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, आधार की जन्मतिथि में अपडेटेशन सिर्फ खास कंडीशन में ही हो सकता है। इसको लेकर तर्क है कि हर नागरिक की जन्मतिथि एक ही होती है तो फिर इसमें बदलाव की जरूरत नहीं हो चाहिए।

Aadhar Card Date of Birth Update
Aadhar Card Date of Birth Update

इस कदम में पीछे UIDAI की मंशा सिर्फ आधार धारकों के डाटा को शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। जिससे नागरिकों के पहचान की डिटेल्स पूर्णतया ठीक एवं वेरीफाई हो। यह नया नियम बीते साल दिसंबर से मान्य हो गया है।

आधार में जन्मतिथि बदलना हुआ मुश्किल

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के 2026 से प्रभावी नियम में मुताबिक, अब से किसी आधार धारक का उम्रभर सिर्फ एक बार ही आधार में जन्मतिथि का अपडेट संभव होगा। ऐसी दूसरी बार जन्मतिथि बदलना लगभग नामुमकिन है।

जन्म प्रमाण पत्र हुआ अनिवार्य

UIDAI के नए नियमनुसार, अब से आधार में जन्मतिथि बदलने में “बर्थ सर्टिफिकेट” को सर्वाधिक वैध एवं कानूनी डॉक्यूमेंट्स माना जाएगा। अब अगर कोई व्यक्ति पूर्व में ही अपने बर्थ सर्टिफिकेट को प्रमाणन के लिए दे चुका है तो आम हालातो में फिर से जन्मतिथि बदलने की आज्ञा नहीं होगी।

बच्चो के लिए भी नया नियम

बच्चे के मामले में UIDAI ने नया सिस्टम प्रभावी किया है जिसमे 5 साल से कम उम्र के बच्चे के आधार एनरोलमेंट में “बर्थ सर्टिफिकेट” जरूरी डॉक्यूमेंट रहेगा। ऐसी ही 5 से 18 साल उम्र के बच्चे के मामले में डिजिटल फॉर्मेट से वेरीफाई “बर्थ सर्टिफिकेट” स्वीकृत होगा।

यह भी देखें Aadhaar में मोबाइल नंबर अपडेट करना अब उतना मुश्किल नहीं रहा जितना पहले था। UIDAI यानी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने इस प्रक्रिया को पहले से कहीं ज्यादा सहज और नागरिकों की पहुंच में बना दिया है। अगर आप चाहते हैं कि आपको OTP आधारित सभी सेवाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के मिले—चाहे वह बैंकिंग हो, LPG सब्सिडी हो, या सरकारी योजना का रजिस्ट्रेशन—तो यह जरूरी है कि आपका मोबाइल नंबर आपके आधार-Aadhaar से जुड़ा हो। Aadhaar में मोबाइल नंबर अपडेट कराने की प्रक्रिया इस समय Aadhaar में मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए आपको किसी ऑनलाइन पोर्टल पर जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह प्रक्रिया केवल आधार सेवा केंद्र (Aadhaar Seva Kendra) या किसी अधिकृत अपडेट सेंटर पर जाकर ही पूरी की जाती है। इसकी वजह यह है कि यह एक बायोमेट्रिक आधारित प्रोसेस है, जिसमें आपकी पहचान फिजिकली वेरीफाई की जाती है। इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको नजदीकी Aadhaar Enrolment Centre पर जाना होगा। वहां एक अपडेट/सुधार फॉर्म भरकर जमा करना होता है जिसमें आपको अपना नया मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है। इसके बाद आपके फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन के जरिए बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन किया जाता है और ₹50 का शुल्क लिया जाता है। जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तब आपको एक acknowledgement slip दी जाती है, जिसमें URN (Update Request Number) होता है। इस नंबर के जरिए आप अपडेट स्टेटस को UIDAI की वेबसाइट पर ट्रैक कर सकते हैं। Aadhaar मोबाइल नंबर अपडेट के लिए दस्तावेज़ जरूरी नहीं इस प्रक्रिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ लगाने की जरूरत नहीं होती। चूंकि यह पूरी प्रक्रिया बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए होती है, UIDAI को आपकी पहचान प्रमाणित करने के लिए अलग से दस्तावेज़ की जरूरत नहीं पड़ती। आपका बायोमेट्रिक डेटा ही आपकी पहचान को प्रमाणित करने के लिए काफी होता है। मोबाइल नंबर अपडेट होने के बाद मिलने वाले फायदे Aadhaar में मोबाइल नंबर अपडेट कराने के बाद आपको कई ऑनलाइन और ऑफलाइन सेवाओं में सहजता मिलती है। सबसे पहले तो आप UIDAI की OTP आधारित सेवाओं का लाभ ले सकते हैं, जिसमें Aadhaar download, mAadhaar ऐप एक्सेस, biometric lock/unlock जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा LPG subsidy, किसान सम्मान निधि, छात्रवृत्ति, पेंशन, और अन्य योजनाओं का सीधा लाभ केवल तभी मिल सकता है जब आपका नंबर आधार से लिंक हो। बैंकिंग सेवाओं में KYC, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप एक्सेस के लिए Aadhaar linked मोबाइल नंबर होना जरूरी होता है। यदि यह अपडेट नहीं है, तो न केवल सरकारी योजनाएं बल्कि आपकी वित्तीय गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं। Aadhaar में मोबाइल नंबर अपडेट क्यों है समय की मांग आज के डिजिटल इंडिया के युग में Aadhaar सबसे अहम दस्तावेज़ों में से एक बन चुका है। चाहे वह पासपोर्ट बनवाना हो, नए बैंक खाता खोलना हो, या कोविड वैक्सीन का प्रमाणपत्र डाउनलोड करना—हर जगह Aadhaar आधारित OTP सत्यापन आवश्यक होता है। ऐसे में अगर आपका पुराना मोबाइल नंबर बंद हो चुका है या बदल गया है, तो Aadhaar अपडेट करवाना अनिवार्य हो जाता है। बिना अपडेट के आप न सिर्फ सरकारी लाभों से वंचित रह सकते हैं बल्कि कई ज़रूरी सुविधाओं से भी। Aadhaar में मोबाइल नंबर अपडेट करने की समयसीमा और स्टेटस चेक करना आमतौर पर यह प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी हो जाती है, लेकिन कई बार यह अपडेट कुछ हफ्तों में भी हो जाता है। आप अपने URN नंबर के जरिए UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपडेट की स्थिति चेक कर सकते हैं। इसके अलावा, mAadhaar ऐप के माध्यम से भी आप अपडेट स्टेटस की जानकारी ले सकते हैं। अगर निर्धारित समय के बाद भी अपडेट नहीं हुआ है, तो आप उसी सेवा केंद्र पर जाकर दोबारा जानकारी ले सकते हैं।

Aadhaar में मोबाइल नंबर अपडेट करना है? यह आसान तरीका जानकर आप चौंक जाएंगे!

आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलाव के नियम

  • अब से जन्मतिथि की प्रमाणिकता के मामले में सिर्फ वैध प्रमाण पत्र जैसे QR कोड वाला बर्थ सर्टिफिकेट, पासपोर्ट या बोर्ड एग्जाम की मार्कशीट दिखानी होगी।
  • अगर किसी खास वजह से तय लिमिट से ज्यादा जन्मतिथि को ठीक करने की जरूरत पड़ती हो तो यह केस “अपवाद” की कैटगरी में आएगा। ऐसे में उक्त व्यक्ति को अपने स्थानीय रीजनल ऑफिस में जाकर एक शपथ पत्र के साथ पुख्ता प्रमाण भी देने होंगे।
  • किसी महिला के शादी के बाद नाम या जन्मतिथि बदलाव की जरूरत होती है तो मैरिज सर्टिफिकेट या नए नाम के आधार डॉक्यूमेंट स्वीकृत होंगे।
  • यदि पहले जन्मतिथि के लिए बर्थ सर्टिफिकेट की जगह पासपोर्ट, बोर्ड सर्टिफिकेट या अन्य दिया हो तो अपडेट करने में प्रमाणित डॉक्यूमेंट देना होगा।
  • अपना आधार बनाने के समय अपनी डिटेल्स को अच्छे से चेक कर ले चूंकि इसमें त्रुटि होने से भविष्य में काफी दिक्कत हो सकती है।

Related Links:

आधार में नंबर अपडेट नहीं किया तो पड़ सकता है भारी! अभी जानें आसान तरीका

Aadhar Card Update: आधार कार्ड जल्दी करा लें अपडेट, उम्र के साथ बदलता है बायोमेट्रिक वरना हो जाएगा इनएक्टिव

जन्मतिथि सुधार में नए मानक (SOP)

  • बच्चो और बड़ो के लिए अलग-अलग घोषणा पत्र एवं स्व घोषणा पत्र तय हुए है।
  • अगर जन्मतिथि पूर्व से वेरिफाई हो तो अपडेशन में शपथ पत्र देना है।
  • कर्मी की टाइपिंग गलती या टेक्निकल मिस्टेक होने पर स्वयं घोषणा देकर रिक्वेस्ट देनी है।
  • गलत डिटेल्स/ दस्तावेज जमा करने पर स्वयं गलती मानने का शपथ पत्र देना होगा।
  • ऐसे केस में आधार कार्ड को अस्थाई तौर पर ‘डीएक्टिवेट’ कर सकते है।
  • बच्चे के लिए माता-पिता/ कानूनी अभिभावक का घोषण पत्र लगेगा।
  • शपथ पत्र को न्यूनतम 10 रुपए के गैर-न्यायायिक स्टांप पेपर पर देना है।

यह भी देखें mAadhaar app क्या है ? आधार से जुड़ा हर काम होगा इसमें, जाने

mAadhaar app क्या है ? आधार से जुड़ा हर काम होगा इसमें, जाने

Leave a Comment

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें