
आयकर बिल 2025 (Income Tax Bill 2025) में पैन-PAN और आधार-Aadhaar को लेकर कुछ ऐसे अहम बदलाव सामने आए हैं, जिनका सीधा असर हर टैक्सपेयर्स पर पड़ेगा। सरकार ने इन प्रावधानों के जरिए कर प्रणाली को डिजिटल, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। खास बात यह है कि अब आधार की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। आइए जानते हैं इन नए नियमों की पूरी जानकारी।
यह भी देखें: बिना आधार नंबर के भी होंगे सारे जरूरी काम! बस यह आईडी बना लो और टेंशन खत्म!
अब आधार संख्या देना होगा अनिवार्य
आयकर बिल 2025 के अनुसार, जिन व्यक्तियों के पास आधार संख्या उपलब्ध है या वे इसके पात्र हैं, उन्हें पैन प्राप्त करते समय या इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय आधार संख्या का उल्लेख करना जरूरी हो गया है। यदि किसी व्यक्ति के पास पहले से पैन है लेकिन वह अपनी आधार संख्या निर्धारित समय सीमा में आयकर विभाग को नहीं देता, तो उसका पैन निष्क्रिय (Invalid PAN) घोषित कर दिया जाएगा। यह नियम कर अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है।
पैन नंबर का हर जगह प्रयोग जरूरी
नए बिल के अनुसार, पैन नंबर अब हर प्रकार के कर पत्राचार में अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाना चाहिए। चाहे वह इनकम टैक्स रिटर्न हो, विभागीय पत्राचार हो या किसी भी प्रकार के भुगतान हेतु चालान—हर जगह पैन नंबर का उल्लेख आवश्यक होगा। इससे न सिर्फ करदाताओं की पहचान स्पष्ट होगी, बल्कि रिकॉर्ड भी सुव्यवस्थित रहेंगे।
आधार से भी कर सकेंगे पैन का काम
आयकर बिल 2025 में एक और क्रांतिकारी प्रावधान जोड़ा गया है। यदि किसी व्यक्ति को पैन नंबर आवंटित नहीं हुआ है, तो वह अब पैन की जगह आधार संख्या का उपयोग कर सकता है। यहां तक कि जिनके पास पैन है लेकिन उन्होंने विभाग को अपनी आधार संख्या पहले ही दे दी है, वे भी आगे केवल आधार संख्या का ही उल्लेख कर सकते हैं। इससे दस्तावेजों की संख्या घटेगी और प्रक्रियाएं अधिक सरल बनेंगी।
यह भी देखें: 90% लोग नहीं जानते! PAN Card सिर्फ बैंक के लिए नहीं, इन जरूरी कामों में भी होता है इस्तेमाल – अभी जानें पूरी लिस्ट!
आयकर विभाग को करना होगा सूचित
यदि किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता या व्यवसाय का स्वरूप बदलता है, तो उसे अनिवार्य रूप से अपनी यह नई जानकारी आयकर विभाग को सूचित करनी होगी। ऐसा न करने पर कर रिकॉर्ड में गड़बड़ी हो सकती है, जिससे भविष्य में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
किन्हें पैन लेना अनिवार्य होगा?
इस नए विधेयक के तहत उन सभी व्यक्तियों को पैन लेना अनिवार्य होगा जिनकी आय कर योग्य सीमा से अधिक है, चाहे वह उनकी खुद की आय हो या उस व्यक्ति की, जिसकी जिम्मेदारी वे उठाते हैं। साथ ही, जिनका व्यवसाय या पेशा ऐसा है जिसमें सालाना बिक्री ₹5 लाख से अधिक होती है या जिन्हें कानूनी रूप से रिटर्न भरना अनिवार्य है, उन्हें पैन लेना ही होगा।
कर प्रणाली को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम
इन सभी बदलावों का मकसद आयकर प्रक्रिया को अधिक सुलभ, पारदर्शी और डिजिटल बनाना है। आधार और पैन को एक-दूसरे से जोड़कर सरकार करदाताओं की पहचान को पुख्ता करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे फर्जीवाड़े और कर चोरी की संभावनाएं कम हो सकें।
यह भी देखें: PAN-Aadhaar लिंक नहीं? बैंकिंग में दिक्कत आ सकती है, तुरंत करें यह काम!