High Court Verdict: आधार कार्ड को बताया ‘मूल अधिकार’! हाई कोर्ट ने दिया UIDAI को बड़ा फैसला और कड़ी नसीहत

मद्रास उच्च न्यायालय (मदुरै पीठ) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसले में यह स्पष्ट कर दिया है कि आधार कार्ड में किसी भी प्रकार का विवरण अपडेट या सही कराना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है

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By Nishant
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High Court Verdict: आधार कार्ड को बताया 'मूल अधिकार'! हाई कोर्ट ने दिया UIDAI को बड़ा फैसला और कड़ी नसीहत
High Court Verdict: आधार कार्ड को बताया ‘मूल अधिकार’! हाई कोर्ट ने दिया UIDAI को बड़ा फैसला और कड़ी नसीहत

मद्रास उच्च न्यायालय (मदुरै पीठ) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसले में यह स्पष्ट कर दिया है कि आधार कार्ड में किसी भी प्रकार का विवरण अपडेट या सही कराना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है कोर्ट ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) को इस मामले में सख्त हिदायत देते हुए यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि लोगों को स्थानीय स्तर पर आधार संबंधी सेवाओं, विशेषकर सुधार सेवाओं को प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। 

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क्या है कोर्ट का फैसला?

न्यायमूर्ति जी आर स्वामीनाथन की एकल पीठ ने यह फैसला एक 74 वर्षीय विधवा महिला की याचिका पर सुनाया, जिन्हें अपने आधार कार्ड में त्रुटियों के कारण पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

अपने आदेश में, उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि आधार अधिनियम, 2016 की धारा 31 के तहत, आधार कार्डधारक को अपने जनसांख्यिकीय और बायोमेट्रिक विवरण में परिवर्तन या सुधार की मांग करने का न केवल वैधानिक, बल्कि एक संवैधानिक और मौलिक अधिकार प्राप्त है।

UIDAI के लिए बाध्यकारी निर्देश

कोर्ट ने UIDAI की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें प्रक्रियात्मक देरी या तकनीकी अडचनों का हवाला दिया गया था। कोर्ट ने कहा, “यह UIDAI का कर्तव्य है कि यदि कोई व्यक्ति वैध और सही दस्तावेज़ प्रस्तुत करके अपने आधार कार्ड की गलतियाँ ठीक करवाना चाहता है, तो प्राधिकरण इसे तुरंत ठीक करे। यह प्राधिकरण के लिए एक कानूनी बाध्यता (Legal Obligation) है, न कि कोई विवेकाधीन शक्ति।  

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फैसले का महत्व

यह निर्णय लाखों नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत है, जो अक्सर आधार केंद्रों पर लंबी कतारों, तकनीकी समस्याओं या नौकरशाही की जटिलताओं के कारण अपने आधार कार्ड में सुधार करवाने में असमर्थ रहते हैं।

इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आधार से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच को मौलिक अधिकार मानकर, कोई भी नागरिक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और लाभों से केवल आधार कार्ड में मामूली त्रुटियों के कारण वंचित न रह जाए।

नागरिक अब इस फैसले के आधार पर अधिक सशक्त महसूस कर सकते हैं और अपने आधार विवरण को myAadhaar पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रबंधित कर सकते हैं या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए निकटतम आधार सेवा केंद्र पर अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। 

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