आधार कार्ड को किसी सरकारी सेवा या वित्तीय लेनेदेन का मामले में सर्वोत्तम दस्तावेज समझा जाता है। किंतु ये खास सुविधा कुछ लोगो के लिए मुश्किल भी बन जाती है चूंकि कुछ लोगो की अंगुलियों के निशान घिस जाने पर बायोमेट्रिक नही हो पाता है।

ऐसा देखा गया है कि व्यक्ति की आयु बढ़ने के साथ ही उनकी अंगुलियों के निशान (फिंगरप्रिंट) धुंधले पड़ने लगते है। इसी वजह से आधार ऑथेंटिकेशन के काम में दिक्कत होती है। किंतु जो भी लोग इस परेशानी से जूझ रहे हो तो उनको UIDAI की तरफ से कुछ प्रावधान मिलते है।
फिंगरप्रिंट घिसने पर समाधान
अगर किसी के आधार में फिंगरप्रिंट यूज नहीं हो रहे हो तो उनको आंखो की पुतली (आइरिश) को स्कैन करने का ऑप्शन मिलता है। इसको फिंगरप्रिंट के मुकाबले ज्यादा सटीक एवं सेफ भी मानते है चूंकि आखों का पैटर्न आयु बढ़ने पर बदलते है। ऐसे में परेशान व्यक्ति को आधार सर्विस सेंटर में जाकर फिंगरप्रिंट की जगह पर आंखो की पुतली को स्कैन करके आधार डेटाबेस में जोड़ना है।
इन कामों में रुकावट हो सकती है
सभी व्यक्ति के आधार कार्ड में बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक डिटेल्स रहती है और आधार में व्यक्ति की अंगुलियों के निशान भी रहते है। यह फिंगरप्रिंट काफी कामों में यूज होते है और इन्ही के कुछ कामों न मेल खाने में रुकावट का सामना करना पड़ेगा। अब आप यह भी जान ले कि वो कौन से काम है जिनमे आपको समस्या होगी।
फ्री राशन लेने में
जिनके भी फिंगरप्रिंट नही आ रहे हो तो उनके परिवार को मिलने वाला फ्री राशन लेने में परेशानी होगी। वो ऐसे चूंकि जिस समय आप राशन के डीलर की दुकान जायेंगे तो उसके फिंगरप्रिंट लेने पर ही राशन प्रदान होगा।
मोबाइल सिम पाने में
जिनके फिंगरप्रिंट धुंधले हो गए हो तो उनको नया सिम लेने या पोर्ट करने में काफी परेशानी हो सकती है। अब सिम कार्ड लेते समय पर आधार नंबर के साथ फिंगरप्रिंट भी देने होते है।
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अंगुलियों के निशान घिसने पर आधार वेरिफिकेशन
अगर किसी का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन असफल हो जाता हो तो UIDAI के इन विकल्पों पर जरूर विचार करें,
- आखों की पुतली का स्कैनिंग सबसे कारगर उपाय रहेगा जोकि अंगुलियों के निशान के मुकाबले ज्यादा भरोसेमंद है। आयु का आइरिश पर कोई असर नहीं पड़ता है।
- आप चाहे तो बायोमेट्रिक देने के स्थान पर आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त करके अपना वेरिफिकेशन करवा लें, ये एक सेफ तरीका भी है।
- अपने नजदीक के आधार सर्विस सेंटर में फिर से बायोमेट्रिक कैप्चर करवा लें। अब कर्मी “एक्सेप्शन” मोड को यूज कर सकता है।

- आपको UIDAI फेस ऑथेंटिकेशन या eKYC का भी ऑप्शन देता है।
SC ने बुगुर्ग को राहत दी
एक 70 वर्षीय बुजुर्ग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी है कि उम्र के साथ फिंगरप्रिंट के धुंधले पड़ जाने की वजह से उनको बायोमेट्रिक डिटेल्स को सिर्फ आइरिश से ही अपडेट करने की अनुमति मिले। कोर्ट ने भी UIDAI को इस मांग को अस्वीकृत करने के बजाए समाधान निकालने को कहा है।



