आधार धारकों की तरफ से आधार कार्ड में बार-बार जन्मतिथि बदलने की घटनाओं के कारण UIDAI ने इस पर सख्ती की है। UIDIA की नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, आधार की जन्मतिथि में अपडेटेशन सिर्फ खास कंडीशन में ही हो सकता है। इसको लेकर तर्क है कि हर नागरिक की जन्मतिथि एक ही होती है तो फिर इसमें बदलाव की जरूरत नहीं हो चाहिए।

इस कदम में पीछे UIDAI की मंशा सिर्फ आधार धारकों के डाटा को शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। जिससे नागरिकों के पहचान की डिटेल्स पूर्णतया ठीक एवं वेरीफाई हो। यह नया नियम बीते साल दिसंबर से मान्य हो गया है।
आधार में जन्मतिथि बदलना हुआ मुश्किल
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के 2026 से प्रभावी नियम में मुताबिक, अब से किसी आधार धारक का उम्रभर सिर्फ एक बार ही आधार में जन्मतिथि का अपडेट संभव होगा। ऐसी दूसरी बार जन्मतिथि बदलना लगभग नामुमकिन है।
जन्म प्रमाण पत्र हुआ अनिवार्य
UIDAI के नए नियमनुसार, अब से आधार में जन्मतिथि बदलने में “बर्थ सर्टिफिकेट” को सर्वाधिक वैध एवं कानूनी डॉक्यूमेंट्स माना जाएगा। अब अगर कोई व्यक्ति पूर्व में ही अपने बर्थ सर्टिफिकेट को प्रमाणन के लिए दे चुका है तो आम हालातो में फिर से जन्मतिथि बदलने की आज्ञा नहीं होगी।
बच्चो के लिए भी नया नियम
बच्चे के मामले में UIDAI ने नया सिस्टम प्रभावी किया है जिसमे 5 साल से कम उम्र के बच्चे के आधार एनरोलमेंट में “बर्थ सर्टिफिकेट” जरूरी डॉक्यूमेंट रहेगा। ऐसी ही 5 से 18 साल उम्र के बच्चे के मामले में डिजिटल फॉर्मेट से वेरीफाई “बर्थ सर्टिफिकेट” स्वीकृत होगा।
आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलाव के नियम
- अब से जन्मतिथि की प्रमाणिकता के मामले में सिर्फ वैध प्रमाण पत्र जैसे QR कोड वाला बर्थ सर्टिफिकेट, पासपोर्ट या बोर्ड एग्जाम की मार्कशीट दिखानी होगी।
- अगर किसी खास वजह से तय लिमिट से ज्यादा जन्मतिथि को ठीक करने की जरूरत पड़ती हो तो यह केस “अपवाद” की कैटगरी में आएगा। ऐसे में उक्त व्यक्ति को अपने स्थानीय रीजनल ऑफिस में जाकर एक शपथ पत्र के साथ पुख्ता प्रमाण भी देने होंगे।
- किसी महिला के शादी के बाद नाम या जन्मतिथि बदलाव की जरूरत होती है तो मैरिज सर्टिफिकेट या नए नाम के आधार डॉक्यूमेंट स्वीकृत होंगे।
- यदि पहले जन्मतिथि के लिए बर्थ सर्टिफिकेट की जगह पासपोर्ट, बोर्ड सर्टिफिकेट या अन्य दिया हो तो अपडेट करने में प्रमाणित डॉक्यूमेंट देना होगा।
- अपना आधार बनाने के समय अपनी डिटेल्स को अच्छे से चेक कर ले चूंकि इसमें त्रुटि होने से भविष्य में काफी दिक्कत हो सकती है।
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जन्मतिथि सुधार में नए मानक (SOP)
- बच्चो और बड़ो के लिए अलग-अलग घोषणा पत्र एवं स्व घोषणा पत्र तय हुए है।
- अगर जन्मतिथि पूर्व से वेरिफाई हो तो अपडेशन में शपथ पत्र देना है।
- कर्मी की टाइपिंग गलती या टेक्निकल मिस्टेक होने पर स्वयं घोषणा देकर रिक्वेस्ट देनी है।
- गलत डिटेल्स/ दस्तावेज जमा करने पर स्वयं गलती मानने का शपथ पत्र देना होगा।
- ऐसे केस में आधार कार्ड को अस्थाई तौर पर ‘डीएक्टिवेट’ कर सकते है।
- बच्चे के लिए माता-पिता/ कानूनी अभिभावक का घोषण पत्र लगेगा।
- शपथ पत्र को न्यूनतम 10 रुपए के गैर-न्यायायिक स्टांप पेपर पर देना है।


