यूआईडीएआई ने आधार नामांकन और सुधार प्रक्रिया में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं, जो नाम, पता, जन्म की तारीख और संबंध जैसे विवरणों को आसान बनाते हैं। अब एक ही प्रमाण पत्र से कई सुधार संभव हो गए हैं, जिससे लोगों को कई दस्तावेज जुटाने की परेशानी से राहत मिली है। ये बदलाव सभी के लिए फायदेमंद साबित हो रहे हैं और आधार केंद्रों पर तुरंत शुरू हो चुके हैं।

नए नियमों की मुख्य बातें
अब एक दस्तावेज में फोटो, नाम और पता होने पर वह पहचान और स्थान दोनों के प्रमाण के रूप में काम करेगा। नाम में अधिकतम दो बार, जन्मतिथि और लिंग में एक बार ही बदलाव की छूट है, लेकिन पता या फोन नंबर में कोई पाबंदी नहीं। ये नियम आधार को और मजबूत बनाने के लिए लाए गए हैं।
स्वीकार्य प्रमाण पत्रों की सूची
- नाम सुधार के लिए पासपोर्ट, पैन, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस या शादी का प्रमाण पत्र।
- पते के लिए बैंक खाता विवरण, बिजली बिल, पानी का बिल, किराया समझौता या राशन कार्ड।
- जन्मतिथि के लिए जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, स्कूल मार्कशीट या भौतिक पैन कार्ड।
ये प्रमाण मूल रूप में देने जरूरी हैं, कोई संपादित कॉपी काम नहीं करेगी।
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घर बैठे सुधार की प्रक्रिया
आधार ऐप या वेबसाइट पर जाकर ओटीपी से लॉगिन करें, विवरण चुनें और अनुरोध जमा करें। नाम, पता या जन्मतिथि जैसे डेमोग्राफिक बदलाव ऑनलाइन हो जाते हैं, लेकिन उंगलियों के निशान या आंखों के स्कैन के लिए केंद्र जाना पड़ेगा। सुधार शुल्क अब 75 से 125 रुपये तक पहुंच गया है।
समय पर अपडेट क्यों महत्वपूर्ण?
सही आधार बैंक खाते, सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लिए जरूरी होता है, नहीं तो लेन-देन में रुकावट आ सकती है। नियमित जांच से आधार सक्रिय रहता है और दैनिक काम सुगम बने रहते हैं। जल्दी अपडेट कराएं ताकि कोई असुविधा न हो।


