
PAN Card यानी परमानेंट अकाउंट नंबर अब सिर्फ टैक्स भरने का जरिया नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा की एक मजबूत कड़ी बन चुका है। सरकार ने ‘PAN 2.0’ योजना के तहत नए पैन कार्ड्स में QR कोड जोड़ने का फैसला लिया है। यह QR कोड कार्डधारक की जानकारी को डिजिटल रूप से एन्क्रिप्ट करता है, जिससे पहचान सत्यापन पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और फुल-प्रूफ हो जाता है।
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QR कोड की ताकत
नए PAN कार्ड में लगाया गया QR कोड कार्डधारक की नाम, जन्मतिथि और फोटो जैसी सूचनाएं समेटे रहता है। इसे स्कैन कर पैन की वैधता और व्यक्ति की पहचान तुरंत सत्यापित की जा सकती है। इससे केवाईसी-KYC प्रक्रिया कुछ सेकंड में पूरी हो सकती है। यह सुविधा खासकर बैंकिंग, शेयर बाजार, निवेश और फाइनेंशियल सेवाओं में बड़ी राहत लेकर आई है।
PAN 2.0 से फाइनेंशियल फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक
पुराने PAN कार्ड में जहां डुप्लिकेट और फर्जी पहचान का खतरा था, वहीं QR कोड वाला नया PAN कार्ड इन सभी कमियों को दूर करता है। अब फर्जी दस्तावेज़ बनाना आसान नहीं होगा। QR कोड के स्कैन से वास्तविक पहचान की पुष्टि करना आसान होगा और इससे फाइनेंशियल फ्रॉड-Financial Fraud पर लगाम लगेगी।
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डिजिटल सेवा में सुधार
नया QR कोड PAN कार्ड पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से बनवाया जा सकता है। आवेदनकर्ता केवल NSDL या UTIITSL की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। फॉर्म भरने के बाद ई-पैन (e-PAN) कुछ ही घंटों में ईमेल पर मिल जाता है, जबकि फिजिकल कार्ड डाक से घर पर आता है। यह प्रक्रिया पहले से अधिक सुगम और तेज हो गई है।
बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए वरदान
बैंकिंग क्षेत्र में QR कोड वाला PAN कार्ड एक वरदान साबित हो रहा है। अब बैंकों को KYC के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता। QR कोड स्कैन करते ही कार्डधारक की जानकारी सामने आ जाती है। इससे न सिर्फ समय की बचत होती है, बल्कि ग्राहक अनुभव भी बेहतर होता है।
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