नेपाल बॉर्डर पर फर्जी आधार रैकेट का खुलासा! आरोपी गिरफ्तार, पुलिस को मिले बड़े सुराग

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में नेपाल सीमा के पास फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। आरोपी रकीबुद्दीन को गिरफ्तार कर उसके पास से तकनीकी उपकरण बरामद किए गए हैं। वह बिना लाइसेंस के आधार कार्ड बना रहा था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है और यह मामला एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है।

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By Nishant
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नेपाल बॉर्डर पर फर्जी आधार रैकेट का खुलासा! आरोपी गिरफ्तार, पुलिस को मिले बड़े सुराग
Fake Aadhaar Card

त्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में फर्जी आधार कार्ड बनाने का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिससे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। यह मामला नेपाल सीमा से सटे एक बेहद संवेदनशील इलाके का है, जहां फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाए जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से लैपटॉप, फिंगर स्कैनर, आयरिस डिवाइस और वेब कैमरा जैसे अत्याधुनिक उपकरण बरामद किए हैं।

नेपाल बॉर्डर से सटे इलाके में चल रहा था फर्जीवाड़ा

यह पूरा मामला श्रावस्ती जिले के हरदत्त नगर गिरंट थाना क्षेत्र के कमला रोड चौराहा का है, जहां गांव हरिवंशपुर में आरोपी रकीबुद्दीन बिना किसी वैध लाइसेंस के आधार कार्ड बनाने का अवैध धंधा कर रहा था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इस क्षेत्र में फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस इनपुट के बाद थानाध्यक्ष सौरभ सिंह ने टीम के साथ छापा मारकर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे

पुलिस के अनुसार आरोपी रकीबुद्दीन बहराइच जिले का निवासी है, जो पहले अपने साले अयूब खां के साथ एक बैंक में आधार कार्ड बनाने का वैध कार्य कर चुका है। जब बैंक ने अयूब की आईडी बंद कर दी, तब दोनों बेरोजगार हो गए। इसके बाद रकीबुद्दीन ने फखरुद्दीन उर्फ नूर शामी नाम के व्यक्ति से संपर्क साधा, जिसने 270 रुपये प्रति आधार कार्ड के हिसाब से काम का ऑफर दिया और अपने लैपटॉप में AnyDesk एप इंस्टॉल कर उसे दे दिया। आरोपी फर्जी आधार कार्ड बनाने के लिए लाइव लिंक के माध्यम से कार्य करता था।

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टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा

इस मामले में जो बात सबसे गंभीर है, वह है तकनीकी उपकरणों का दुरुपयोग। आरोपी के पास से जो उपकरण बरामद हुए हैं, वे दर्शाते हैं कि यह कोई छोटा-मोटा फ्रॉड नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है। आधार कार्ड जैसे संवेदनशील दस्तावेजों की फर्जीवाड़ा के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को भी चुनौती दी जा सकती है, खासकर जब मामला नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र का हो।

आगे की कार्रवाई और संभावित नेटवर्क पर नजर

एसपी घनश्याम चौरसिया ने जानकारी दी है कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान जो जानकारियाँ सामने आई हैं, उनके आधार पर जल्द ही इस फर्जीवाड़ा के नेटवर्क का और बड़ा खुलासा हो सकता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार किन-किन जिलों या राज्यों से जुड़े हो सकते हैं।

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